Rajendra Devray / Sun, Nov 23, 2025 / Post views : 362





बाजार में नकली मिल रहा है। जबकि आजकल किसान आर्गेनिक और आधुनिक खेती क़र रहा है।किसान अपनी उपज और समय की बचत के लिए नर्सरी से फलदार पौधे महंगे दामो में खरीद कर किसान उन्नत खेती कर रहे है ।
नर्सरी वालों ने भी किसानों को गुमराह करने का एक नया तरीका खोज निकाला है। हालही में 14 नवंबर को को कृषक पन्नालाल पिता आशाराम गेहलोत, निवासी ग्राम गुलाटी और दिलीप पाटीदार गणपुर के प्रक्षेत्र पर वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र धार से डॉ. धनसिंह मण्डलोई, प्रभारी उद्यान अधिकारी मनावर से किशन सिंह रावत एवं ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी दीपक पाटीदार आदि के द्वारा पपीता फसल में फल पूर्ण रूप से नहीं लगने की समस्या का स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रक्षेत्र पर रकबा 1.777 सर्वे नंबर 266/1 पर कृषक के कथन भी लिए गए। जिसमें बताया गया कि 15 मई को लगभग 4 हजार पौधे रोपित किए गए थे,जिसमे दो भिन्न किस्म के पौधे पाए गए। कृषक के अनुसार पपीते के पौधे गंगोत्री फार्म की नर्सरी नंदेसारी चौकडी, जिला-बडोदरा गुजरात से खरीदे थे। पपीते की किस्म न्यू सन 780 के जो पौधे दिए गए है ,उनमे फल पूर्ण लगे है परन्तु भिन्न किस्म के पौधो दिये है, उनमे फल बिलकुल भी नही लगे है।जो 50-60 प्रतिशत है, पौधे भी मिक्स वेरायटी के है ।इस प्रकार गंगोत्री नर्सरी ने जान बूझ कर कई किसानों को नकली पौधे दिए है, जो कि प्रमाणित बीज के पौधे नही है।भिन्न भिन्न वेरायटी के पौधे इस बात की गवाह है कि पोधो में धोखाधड़ी की गई है। 780 के पौधों में बहुत अच्छा फल है, 6 माह बाद फल आने पर सही पोधो की पहचान हो पाई है। जबकि अन्य पोधों में बिलकुल फल ही नही लगे है। जिससे यह प्रमाणित होता है कि पोधो में नर्सरी ने किसानों के साथ बड़ा खेला कर करोड़ो की कमाई की है
गुजरात की इस नर्सरी ने भिन्न भिन्न जाती के पौधे मिक्स वेरायटी के दिए है।वही धार कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक धनसिंग मंडलोई ने मौके पर जो पंचनामा बनाया है ,उसमें 50 से 60 प्रतिशत पौधे रिजेक्ट है।इस कारण उत्पादन में आधे से ज्यादा कमी होने वाली है।
इस प्रकार मनावर और कुक्षी तहसील के सैकड़ो किसानों ने गंगोत्री नर्सरी गुजरात से पौधे खरीदे हैस और कई किसान रिपोर्ट आने के बाद गंगोत्री नर्सरी के खिलाफ़ उपभोक्ता फोरम में अपना केस लगाकर अपनी क्षति पूर्ति की मांग करेंगे।
शासन को चाहिए कि ऐसी नर्सरियों पर कठोर कार्यवाही कर इस गोरख धन्दे को बंद कराया जाएं। क्यों कि लाखों किसानों के साथ आज धोखा हो रहा है।
कर्षि विज्ञान केंद्र धार के वैज्ञानिक ने फसल को देखकर बताया कि 50 से 60℅ पौधे भिन्न वेरायटी के है धनसिंग मंडलोई कर्षि वैज्ञानिक धार
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन