पर्युषन पर्व प्रारंभ टांडा में चैत्य परिपाटी निकली
समाज जनों ने लिया उत्साह से भाग
टांडा नि प्र जैन समाज का महान पर्वाधिराज पर्व पर्यूषण शनिवार को उल्लास उत्साह तप जप के साथ प्रारंभ हुआ आठ दिवसीय पर्व के प्रथम दिवस प्रातः 5 बजे राईय प्रतिक्रमण किया प्रातः 6 बजे प्रभात फेरी 7 बजे भक्तांबर पाठ गुरु गुण इक्किसा पाठ किया गया मंदिर में भगवान की तथा गुरुदेव की प्रथम पूजन का लाभ शेतानमल जी हीराचंद जी चौहान परिवार ने लिया 9 .30 बजे इंदौर से आए श्री जिनेन्द्र कुमार बाठिया में प्रवचन दिए आपने कहा की पर्युषण पर्व प्रमाद छोड़ कर परमात्मा से लगाव का पर्व हे हम आठ दिन जो भी धार्मिक क्रिया करे पूरे मन से तल्लीनता से करे मन से की गई शुद्ध क्रिया अनंत गुना पुण्य बंध करवाती है जबकि बे मन से की गई क्रिया से कोई फायदा नही होता हे आपने आत्मा में बैठे शत्रु क्रोध मान माया लोभ राग द्वेष पर विजय प्राप्त करने का आव्हान किया मन में बैठे शत्रु से छुटकारा पा लेंगे तो बाहरी शत्रु बनेंगे ही नहीं बड़ी संख्या में श्रावक श्राविका ओ ने उपवास के पच्चखान लिए दोपहर में भगवान की रथ यात्रा ( चैत्य परिपाटी ) नगर के प्रमुख मार्गो से निकली जिसमे बड़ी संख्या में समाज जन महिला पुरुष उपस्थित थे भगवान की आरती का चढ़ावा शैतान मल जी हीराचंद जी चौहान परिवार ने तथा मंगल दीप का चढ़ावा विकास कुमार अशोक कुमार जी नाहर परिवार ने लिया। प्रवचन के बाद की प्रभावना श्रीमती सुंदर बाई उम्मेदमल जी बाफना परिवार तथा दिनेश कुमार रखबचंद जी गादिया परिवार ने लिया शाम को प्रतिक्रमण के बाद आरती उतारी गई । प्रतिवर्षानुसार तरुण परिषद द्वारा भगवान की मनमोहक अंग रचना की गई।