*नकबजनी के मामले में बड़वानी पुलिस की त्वरित प्रभावी कार्यवाही*
*थाना पानसेमल पुलिस ने नकबजनी के आरोपी विजय पिता मोलकसिंह सिकलीकर को मात्र 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार*
*अन्य अपराधों का भी हो सकता है खुलासा, आरोपी के विरुद्ध थाना सरसवा, जिला शारनपुर, उत्तर प्रदेश में भी है अपराध*
दिनांक 24.01.2025 को फरियादी वीरेंद्र पिता हीरालाल प्रजापति, निवासी पानसेमल, ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई। कि उनका घर टाकली फाटे पर है और वह ईंट बनाने का कार्य करते हैं। 23 जनवरी की रात वह परिवार सहित घर में ताला लगाकर ईंट भट्ठे पर चले गए। इस दौरान अज्ञात बदमाशों ने घर का ताला तोड़कर अलमारी में रखे चांदी के आभूषण, दो चांदी की कटोरियां, व अन्य सामान कुल ₹24,500/- मूल्य का चोरी कर लिया। रिपोर्ट पर थाना पानसेमल पर अपराध क्रमांक 19/2025 धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश डावर के निर्देशन में व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल पाटीदार, एवं एसडीओपी राजपुर श्री आयुष अलावा, के मार्गदर्शन में थाना पानसेमल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर *आरोपी विजय पिता मोलकसिंह सिकलीगर* को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से चुराया गया सामान, नगदी, ताला तोड़ने के औजार और मोटरसाइकिल कुल कीमती 1,07,091 रुपये बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपी ने अन्य दो साथियों 1. राहुलसिंह पिता दिलीपसिंह (निवासी उण्डीखोदरी, थाना पलसुद)2. दीपसिंह पिता राजेंद्रसिंह (निवासी रावलबेड़ी, थाना सेंधवा)के साथ मिलकर अन्य चोरी व लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपी ने उसी रात थाना निवाली क्षेत्र में एक किराना दुकान और मोट रसाइकिल चोरी करने की बात भी बताई। इस पर थाना निवाली में अपराध क्रमांक 28/2025 और 29/2025 के तहत अलग मामले दर्ज हैं आरोपी ने पानसेमल क्षेत्र में पूर्व में लूट की घटना को अंजाम देना भी स्वीकार किया। विजय सिकलीकर थाना सरसवा, जिला शारनपुर, उत्तर प्रदेश के अपराध क्रमांक 99/2022 धारा 380 भादवि में भी फरार चल रहा था।आरोपी को माननीय जेएमएफसी न्यायालय, खेतिया में पेश कर 2 दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
*पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी पानसेमल श्री मंशाराम वगेन के नेतृत्व में टीम के अन्य सदस्यों - सउनि सखावत अली, प्रआर 242 राकेश बघेल, आर. 686 विशाल पाटिल, आर. 461 गिलदार डावर, आर. 442 संतोष, सैनिक 38 वासुदेव, सैनिक 105 जीवन - का इस कार्रवाई में सराहनीय योगदान रहा।*