: थाना राजपुर पुलिस ने राजपुर से मारुति ईको वाहन चोरी करने वाले मुकेश सिकलीगर को अंजड़ से किया गिरफ्तार, आरोपी के कब्जे से 5 लाख रुपये किमती ईको वाहन ज़ब्त कर आरोपी को भेजा जेल
Rajendra Devray
/
Fri, Jan 3, 2025
/
Post views : 266
*थाना राजपुर पुलिस ने राजपुर से मारुति ईको वाहन चोरी करने वाले मुकेश सिकलीगर को अंजड़ से किया गिरफ्तार, आरोपी के कब्जे से 5 लाख रुपये किमती ईको वाहन ज़ब्त कर आरोपी को जेल भेजा।*
दिनांक 02.01.2025 को फरियादी मयाराम पिता बिसन भीलाला, निवासी बिलवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके भाई दिलीप पिता मयाराम के नाम से एक मारुति सुजुकी कंपनी की ईको कार क्र. MP43 CA6049 है। फरियादी ने बताया कि वह इस कार को 02.01.2025 को सुबह 09:30 बजे राजपुर में ग्वारफली बोने के लिए बीज लेने आया था। कार को उसने रुपा नदी के पास राजपुर पुल के किनारे लॉक कर बाजार में ग्वारफली के बीज खरीदने गया। वापस आकर उसने देखा कि कार वहां से गायब थी। आसपास और बाजार में पूछताछ करने पर कोई जानकारी नहीं मिली। इस पर फरियादी ने बताया कि किसी अज्ञात बदमाश ने उसकी कार चोरी कर ली। रिपोर्ट पर अपराध क्र. 06/25 धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री जगदीश डावर ने थाना प्रभारी राजपुर को आरोपी की जल्द से जल्द पता तलाश करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी राजपुर श्री विक्रम सिंह बामनिया ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल पाटीदार और एसडीओपी श्री आयुष कुमार अलावा के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की।
राजपुर पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र, वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए आरोपी की लगातार तलाश की। टीम को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि मुकेश सिकलीगर ने चोरी की ईको कार क्र. MP 43 CA 6049 को अंजड़ ले जाकर छिपा दिया है। टीम ने अंजड़ पहुंचकर मुकेश सिकलीगर की तलाश की और उसे ईको वाहन के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से वाहन ज़ब्त कर उसे थाना लाया गया। आरोपी मुकेश सिकलीगर को न्यायालय राजपुर में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजने का आदेश दिया और उसे केंद्रीय जेल बड़वानी दाखिल कराया गया।
*पुलिस की इस कार्यवाही में निरीक्षक विक्रम सिंह बामनिया, उपनिरीक्षक झिरमल सापलिया, सहायक उपनिरीक्षक झबरसिंह गोयल, सहायक उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक भैरूसिंह वसुनिया, आरक्षक तुलसीराम मंडलोई की सराहनीय भूमिका रही।*