Rajendra Devray / Fri, Oct 17, 2025 / Post views : 283


डही सुदूर आदिवासी अंचल कष्टा और घाणा पहुंचकर गरीब वर्ग के लोगों और बच्चों के साथ एसडीएम कुक्षी विशाल धाकड़ ने कपड़े और उपहार भेंट कर दिवाली मनाते हुए खुशियां बांटी। एसडीएम ने घाणा में जब गरीब वर्ग के बच्चों को हैप्पी दिवाली बोला तो उनके चेहरे पर खुशियां दौड़ गई। वहीं कष्टा में अपने बच्चों को आर्थिक तंगी के चलते उपहार देने में मजबूर उनके माता-पिता भी खुश हो गए। दीपावली खुशियों का त्योहार है। सभी लोग अपने-अपने तरीके से इसे मनाते हैं, पर गरीबों के यहां दीपावली की खुशियों में आर्थिक तंगी आड़े आ जाती है। सुदूर गांव कष्टा जहां पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे ही गांव के पिछड़े गरीब लोगों के बीच दिवाली की एसडीएम ने खुशियां बांटी। ग्रामीणों को जरूरत के कपड़े, मिठाई और बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री भेंट करते हुए दीपावली का त्योहार मनाया। इसके पश्चात कष्टा के निवासियों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्या जानी और उन्हें हल करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात एसडीएम ने ग्राम घाणा के शासकीय आदिवासी बालक आश्रम पहुंचकर यहां निवासरत गरीब वर्ग के बच्चों को मिठाई, कपड़े, और पढ़ने के लिए स्टेशनरी आदि भेंट कर दीवाली मनाई। साथ ही शिक्षा को लेकर बच्चों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने अन्य अधिकारियों को भी इसकी प्रेरणा दी।दीपावली में घर-घर साज-सज्जा व अन्य तैयारियां चल रही हैं। संभ्रांत लोग पर्व के लिए कई दिन से सामग्रियों की खरीदी कर रहे हैं। लेकिन कई गरीबों के घर ऐसे हैं, जहां बच्चों के चेहरे उतरे हुए हैं। एसडीएम धाकड़ ने इन बच्चों के चेहरों पर खुशियां लाने के लिए नई पहल की। डिब्बों में मिठाई व फुलझड़ी आदि लेकर निकले और हैप्पी दीवाली बोलने के साथ बच्चों को उपहार दिया तो उनके चेहरों पर खुशियां दौड़ गईं। उन्होंने अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से भी गरीब बच्चों के त्योहारों की खुशियां साझा करने की प्रेरणा दी। एसडीएम के साथ तहसीलदार कुक्षी प्रवीण पाटीदार, तहसीलदार डही ललिता गडरिया, बीईओ अनिल कुमार मारू, बीआरसी मनोज दुबे मौजूद रहे। घाणा कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक रमेश डोडवा, राजस्व निरीक्षक कनसिंह मंडलोई, पटवारीगण आयुष त्रिवेदी, राजेश मंडलोई, विकास गवली, देवेंद्रसिंह भिड़े, कमल अचाले और कष्टा कार्यक्रम में बीआरसी कार्यालय के रमेश सोलंकी, पटवारीगण वीरेंद्र चौहान, दीपेंद्र झमेले भी मौजूद थे। इस तरह दोनों कार्यक्रम में शिक्षा और राजस्व विभाग डही का भी सहयोग रहा।
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