*धारा 370 हटी नकटो की नाक काटी, बरसो बाद हमे अवध में श्रीराम मिले - जानी बैरागी*
*बरसते पानी मे हजारों श्रोताओं ने कवि सम्मेलन का लुफ्त उठाया।*
अंजड:- नगर के बड़वानी रोड स्थित नक्षत्र गार्डन मे रविवार रात्रि 10 बजे से हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ तथा रिमझिम बारिश के बीच हजारों श्रोताओं की उपस्थिति में कवियों ने हास्य और व्यंग्य की फुलझड़ियां छोड़ श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और वर्तमान घटनाक्रम और स्थितियो पर कटाक्ष कर देश मे व्याप्त समस्याओं की और सभी का ध्यानाकर्षण करवाया।
कवि सम्मेलन में बारिश ने व्यवधान डाला बावजूद श्रोता डटे रहे। कवि सम्मेलन के शुरू होने के एक घण्टे बाद रिमझिम बारिश शूरू हुई बावजूद श्रोता और कवि डटे रहे लेकिन तेज बारिश होने से कवि सम्मेलन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा तथा बरसते पानी मे आयोजनकर्ताओं ने टिन शेड में ताबड़तोड़ व्यवस्था कर कवि सम्मेलन को दोबारा शुरू किया जो देर रात्रि 3 बजे तक चला।
कवि सम्मेलन में खरगौन-बड़वानी लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, राजपुर विधायक बाला बच्चन, नप अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती, नप उपाध्यक्ष बसंती बाई पिपल्या, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नानेश चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजा चौहान, कांग्रेस मंडलम अध्यक्ष सुनील चौधरी आदि मौजूद रहे।
कवि सम्मेलन की शुरुआत कवियत्री प्रेरणा ठाकरे ने सरस्वती वंदना से करि।
पहले कवि के रूप में मण्डवगढ़ से पधारे हास्य कवि धीरज शर्मा ने अपने चिर परिचित अंदाज में उठो लाल अब आँखे खोलो, चल रे मटके टम्मक टू।
काना माना कुर चलो जोधपुर, जोधपुर का कबूतरा उड़े फुर्र-फुर्र सुनाकर सभी को खुद गुदगुदाया। तथा महंगाई पर कटाक्ष करते हुए, कम है कमाई और बढ़ रही महंगाई, कैसे दिन कट रहे आपको बताऊँ क्या, तकिया, रजाई, गादी, सबकुछ कुतर डाला, अब आप ही बताओ ओडू क्या बिछाऊ क्या। पर खूब दाद बटोरी।
दूसरे नंबर पर मंदसौर के हास्य कवि मुन्ना बैटरी ने खूब व्यंग भरे बाण चलाये तथा महिला पुलिसकर्मीयो पर मार्मिक कविता पाठ करते हुए कहा कि मुझमें भी था हौसला कुछ कर दिखाने का, इसलिए पिया और बाबुल का घर छोड़ना पड़ा, लाली और पॉवडर से मुंह मोड़ना पड़ा, राह चलते किसी बहन को कोई निकम्मा छेड़ ना दे, इसीलिए साड़ीया, चूड़ीया, बिंदिया को छोड़ खाकी वर्दी का चोला पहनना पड़ा।
वही अयोध्या में बने श्रीरामलला के मन्दिर पर कविता पाठ करते हुए कहा कि, संघर्षों का यह किस्सा जमाने मे पहचाना जाएगा, आज कह रहा हूं जो अनन्तकाल तक जाना जाएगा, भूल जायेंगे ये लोग की ताज प्रेम की निशानी है, दुनिया मे हिंदुस्तान को राम मंदिर से जाना जाएगा, महाशक्ति नतमस्तक है, नवयुग का आरंभ हुआ, हम विश्व गुरु थे और रहेंगे ये दुनिया मे जाना जाएगा पर सदन तालियों से गूंज उठा।
तीसरे कवि के रूप में मंदसौर की कवियित्री प्रेरणा ठाकरे ने में भारत की बेटी हूं हर जंग जितना आता है, मेरे होने केवल भर से घर भी घर हो जाता है पर खूब दाद बटोरी।
इसी तरह से चौथे कवि के रूप में हास्य व्यंग्य के जाने माने प्रसिद्ध कवि जानी बैरागी ने अपने चिर परिचित अंदाज में खूब रंग जमाया। उन्होंने धारा 370 और राम मंदिर पर कविता पाठ करते हुए कहा कि हमारे वजीर का जिंदा जमीर मिला, धारा 370 हटी नकटो की नाक काटी हमे कश्मीर मिला, डीजल, पेट्रोल, गैस के बढ़े हुए दाम मिले और बदले में हमे बरसो बाद अवध में राम मिले, पर पूरा सदन राममय हो गया।
वही बेटी दिवस पर महिलाओ पर हो रहे अत्याचार पर कहा कि अब तो बोलो ये घटना पहले की नही अभी की है, अरे आज इन नेताओं के भरोसे मत रहो यह बेटियां हम सभी की है पर खूब तालियां गूंजी।
कवि सम्मेलन के सूत्रधार रहे कवि पण्डित अशोक नागर ने कवि सम्मेलन का संचालन किया व बीच बीच मे अपनी हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब हंसाया व देश की वर्तमान समस्याओं पर जमकर कटाक्ष किया।
अंत मे आभार राजा सिंह मण्डलोई ने व्यक्त किया।