मामला संचय साख संस्था में चोरी का
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अंजड कोर्ट के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार
आरोपियों को रहना होगा दो साल तक जेल में।
न्यायाधीश नीरज कुमार सोनी ने सुनाया था फ़ैसला
अंजड- अंजड नगर स्थित संचय साख संस्था में दो वर्ष पूर्व बैंक में काम करने वाले आरोपी लक्की पिता ध्यान सिंह राजपूत और उसके साथी मधु पिता हरी निवासीगण अंजड को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नीरज कुमार सोनी के द्वारा अपराध का विचारण कर लगभग एक वर्ष में पूर्व आरोपियों को दो अलग अलग धराओ में चार वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक को दो-दो हज़ार रुपए का अर्थ दंड अधिरोपित किया गया था।
उक्त दंडादेष के विरुद्ध आरोपीगण लक्की व मधु के द्वारा सत्र न्यायालय ज़िला बड़वानी में अपील दाखिल की थी जिसकी सुनवाई सत्र न्यायाधीश महोदय ने करते हुए दिनांक 28 मार्च 2024 को अपील का निपटारा करते हुए अंजड न्यायालय द्वारा दिए गए सज़ा के फ़ैसले को क़ायम रखते हुए आरोपियों को जेल भेजा था।
सत्र न्यायालय के द्वारा दिए गए फ़ैसले के ख़िलाफ़ आरोपियों ने माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में अपील की थी जिसकी सुनवाई भी उच्च न्यायालय द्वारा शीघ्र की थी तथा 06 मई 2024 को आरोपियों की सज़ा को बरकरार रखा गया था।
माननीय उच्च न्यायालय के फ़ैसले के विरुद्ध आरोपियों के द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में रिवहिज़न प्रस्तुत की थी जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा भी आरोपियों की रिवहिज़न को निरस्त करते हुए विचारण कोर्ट के फ़ैसले को बरक़रार रखा हे ।
अभियोजन अधिकारी अकरम मँसूरी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया गया की न्यायालय अंजड के द्वारा आरोपियों को दो अलग अलग धाराओं में दो दो वर्ष का कारावास एवं जुर्माना अधिरोपित किया गया था तथा उक्त दोनो सजाएँ एक साथ भुगताए जाने का भी आदेश पारित हुआ था इस कारण आरोपियों को दो साल की सजा जेल में ही भुगतना होगी।