मनावर दुर्गा विसर्जन की परंपरा हमेशा दशमी तिथि के रहते किया सामूहिक महिला द्वारा कलश को विसर्जन किया विधि विधान से किया गया कलश का विसर्जन
मनावर नवरात्रि का पर्व बडे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया यहा मनाया गया.. कहा जाता है कि मां दुर्गा की भक्ति और साधना से घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का वास होता है नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अंत में कलश विसर्जन और दुर्गा विसर्जन के साथ यह पर्व संपन्न हुआ यहा दशहरे पर्व के दिन दुर्गा विसर्जन किया गया मान्यता है कि जैसे नवरात्रि के पहले दिन विधिपूर्वक कलश स्थापना होती है, वैसे ही समापन के समय कलश का विसर्जन भी पूरे नियम और विधि से किया गया हिंदू मान्यता के अनुसार देवी दुर्गा का आवाहन हो या फिर उनकी विदाई हमेशा शुभ मुहूर्त में ही की जाती है. दुर्गा विसर्जन की परंपरा हमेशा दशमी तिथि के रहते किया सामूहिक महिला द्वारा कलश को विसर्जन के लिए ढोल बाजे के साथ निकले मूर्तियों का विसर्जन भी दशमी तिथि के दिन देवी की मूर्तियों और कलश को किसी नदी या सरोवर में विसर्जित करते हुए देवी दुर्गा के अगले वर्ष फिर आने की मंगल कामना करते हुए प्रार्थना की |