ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना अंजड पुलिस द्वारा नाबालिग(अपह्त) को 24 घण्टे के भीतर दस्तयाब कर किया परिजनों के सुपुर्द
दिनांक 25.11.2024 को फरियादी ने थाने पर सूचना दी कि, उसकी नाबालिग बेटी (उम्र 17 वर्ष) 24.11.2024 की रात करीब 8:30 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई। आसपास और रिश्तेदारों में उसकी तलाश करने पर कोई जानकारी नहीं मिली, और फरियादी ने शक जताया कि उसकी बेटी को कोई अज्ञात बदमाश बहला-फुसलाकर ले गया है। रिपोर्ट के आधार पर धारा 137(2) भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया और मामले की विवेचना की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, बड़वानी पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश डावर द्वारा थाना प्रभारी अंजड को निर्देश दिए गए कि अपहर्ता और अज्ञात आरोपी की शीघ्र पहचान की जाए। इन निर्देशों के तहत, थाना प्रभारी अंजड, निरीक्षक गिरवरसिंह जलोदिया ने बड़वानी पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एक टीम का गठन किया और जल्द से जल्द अपह्त की तलाश के लिए विभिन्न स्रोतों का इस्तेमाल किया। टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और तकनीकी उपायों के जरिए अपहर्ता को कस्बा अंजड से 26.11.2024 को दस्तयाब किया और थाने लाया महिला पुलिस अधिकारी से विधिवत नाबालिग अपहर्ता के कथन लिए गए और बाद में अपहर्ता को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी अंजड़ निरीक्षक गिरवसिंह जलोदिया उनि ममता जमरा प्रआर 72 सुरेश पाटीदार मआर 601 रानी सेंधव प्रआर 180 योगेश पाटील (सायबर सेल) कि सराहनीय भूमिका रही।
यहां यह उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत 01 जनवरी 2024 से अब तक कुल 167 बालिकाएं एवं 11 बालक को दस्तयाब कर सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है।