: धार हिन्दु नेता के संरक्षण में गरीब हिन्दु परिवार के मकान में वर्ग विशष के ठेकेदार द्वारा की गई तोडफोड 16 घण्टे तक भूखा प्यासा रहा बुजुर्ग ठंड में ओटले पर गुजारनी पडी रात पुलिस ने भी नही लिखी रिपोर्ट
Rajendra Devray
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Thu, Jan 2, 2025
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*_हिन्दु नेता के संरक्षण में गरीब हिन्दु परिवार के मकान में वर्ग विशेष के ठेकेदार द्वारा की गई तोडफोड -_*
*16 घण्टे तक भुखे रहे, लकवाग्रस्त सहित ठंड में ओटले पर गुजारनी पडी रात -*
वैष्ण जन तो तैने कहिये, पीर पराई जाने रे, यह कहावत अब पुरानी हो चली है, अब तो निजी स्वार्थ और प्रापर्टी के लालच में अहिंसा परमो धर्म का राग अलापने वाले अपने आप को धार्मिक और समाज सेवी बताने वाले लोगो के हिंसामय चेहरे से अहिंसा का नकाब उतरकर असली चेहरा सामने आने लगा है। जो लोग मीडिया को इकटठा करके अहिंसा का पाठ सिखा रहे थे विगत दिनो उनकी क्रूरता और अमानवीय अत्याचार से उनके अपने ही समाज के लोग स्तब्ध है। धार के राजवाडा से लगे एक जैन धर्मस्थल के निकट एक गरीब परिवार का कसुर केवल इतना है कि उन्होने अपना घरोंदा भु माफियाओं को औने पौने दामो बेचने से इंकार कर दिया, फिर क्या था सत्ता, रसुख और धन के तांडव ऐसे मचे कि गरीब हिन्दु परिवार अपने ही घर को बचाने के लिये दर दर भटकने को मजबुर हो गया। आश्चर्य तो यह है कि अपने आप को हिन्दु नेता बताने वाले पिता और पार्षद पुत्र ने गरीब हिन्दु परिवार को प्रताडित करके मकान हडपने के लिये एक मुस्लिम वर्ग के ठेकेदार को नियुक्त किया, न्यायालय की छुटिटयांे के चलते षडयंत्रपुर्वक पहले गरीब हिन्दु परिवार के मकान की दीवारे तोडी, यहां तक कि रोकने गई महिलाओं के साथ अहिंसा प्रेमियों ने जमकर मारपीट की, इसके बाद भी मन नही भराया तो मुस्लिम ठेकेदार को कुछ गुण्डो के साथ पिछले रास्ते से मकान में घुसाकर ऐसा तांडव मचाया कि परिवार को अपना गृहस्थी का सामान तक निकालने का मौका नही मिला, कीचन और मंदिर तक में तोडफोड की गई। सोलह घण्टो तक बदहवाश परिवार भुखा प्यासा मदद के लिये यहां वहां भटकता रहा, मजबुरन जैसे तैसे कपकपाती ठंड में लकवाग्रस्त पिता और महिलाओं के साथ ओटले पर रात गुजारी। हालांकि अगले दिन सुबह मोहल्ले के ही भले लोगो ने अस्थाई रूप से रहने और खाने पीने में मदद की, लेकिन भुमाफियाओं के हथोडे चलते ही रहे और जब पीडित परिवार न्याय की गुहार लगाने पुलिस के पास पहुंचा तो पार्षदी का रूतबा बताते हुये पुलिस रिपोर्ट तक न होने दी। हालांकि पीडित परिवार ने ऑनलाईन एफ.आई.आर. की है जिसमें इब्राहिम ठेकेदार, रोशन जैन सहित अशोक जैन व अजीत जैन का नाम दर्ज करवाया है। अहिंसा के नाम का डंका बजाने वाले समाज और हिन्दु एकता की बात करने वाले नेता की इस हरकत से क्षैत्र में जनचर्चा बनी हुई है, वहीं हिन्दु संगठनो की भी चुप्पी भी आश्चर्य का कारण बनी हुई है। हालांकि पिता-पुत्र का प्रॉपर्टी-प्रेम और अवैध कब्जो के कई मामलें सरकारी अधिकारियों की टेवलो पर है। लेकिन समरथ को नही दोष गोसाई ही दिखाई दे रहा है। इस संबंध में दुसरे पक्ष का कहना है कि हम तो अहिंसा में विश्वास करते है, हमने किसी का घर नही तोडा।