Rajendra Devray / Fri, Sep 25, 2026 / Post views : 155
“अखिल भारतीय स्तर पर गूंजा ‘वंदे मातरम’ एक करोड़ विद्यार्थियों ने गाया बनाया ब्लड रिकॉर्ड अंजड़ में शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने रचा देशभक्ति का इतिहास

अखिल भारतीय विद्या भारती शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में 25 सितंबर 2026 को प्रातः 11 बजे देशभर में एक साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का ऐतिहासिक प्रयास किया गया। इस अवसर पर देशभर के शिशु मंदिरों के लाखों भाई-बहनों ने एक साथ स्वर मिलाकर राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

इसी क्रम में अंजड़ नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय द्वारा गायत्री मंदिर परिसर में सामूहिक ‘वंदे मातरम’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती पूजन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अतिथियों द्वारा की गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भूतपूर्व सैनिक बलिराम यादव, भरत भाई दरबार एवं थाना प्रभारी रेवाराम चौहान की गरिमामयी उपस्थिति रही। नगर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं सैकड़ों विद्यार्थियों की उपस्थिति में कार्यक्रम अत्यंत उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूतपूर्व सैनिक बलिराम यादव ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सेना में सेवा के लिए भी प्रेरित करना आवश्यक है, क्योंकि देश की सुरक्षा के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं थाना प्रभारी रेवाराम चौहान ने कहा कि यदि युवा शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पंजाब प्रदेश में युवाओं में सेना में सेवा देने की विशेष भावना रहती है, जिसके कारण वहां से सर्वाधिक सैनिक देश की सेवा में योगदान दे रहे हैं।

विद्यालय के प्राचार्य जोशी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ श्रेष्ठ संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही संस्कार भविष्य के सशक्त समाज का निर्माण करते हैं। उन्होंने बताया कि शिशु मंदिर शिक्षा के साथ संस्कारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

कार्यक्रम में अंजना पटेल ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को रोजगार के विविध अवसरों के साथ-साथ सेना एवं अन्य सेवाओं के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए, जिससे देश का भविष्य मजबूत हो सके।

प्रेस परिषद अंजड़ के अध्यक्ष राजेंद्र देवराय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ देश की एकता और ऊर्जा का प्रतीक था। उस समय सभी वर्गों के लोगों ने इसे पूरे सम्मान के साथ अपनाया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस गीत को लेकर अनावश्यक विवाद उचित नहीं है, क्योंकि ‘वंदे मातरम’ पूरे देश का गौरव है और इसे पुनः उसी भावना के साथ स्थापित करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में मनीष पाटीदार द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
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