Rajendra Devray / Sat, Aug 8, 2026 / Post views : 275
अंजड़। नगर के बस स्टैंड स्थित शहीद स्मारक सुभाष पार्क इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के सामने स्थित यह पार्क लंबे समय से गंदगी, कचरे, बदबू और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि पार्क धीरे-धीरे पार्किंग स्थल में तब्दील हो गया है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पार्क परिसर में लोग ईंट, रेत और गिट्टी तक डाल रहे हैं। इसके अलावा दिनभर कारों और छोटे वाहनों की पार्किंग बनी रहती है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब पांच वर्षों से स्थानीय नागरिकों द्वारा साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की जाती रही है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में नगर परिषद की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती गई।

पार्क में जगह-जगह कचरा जमा होने और उससे उठती दुर्गंध से परेशान स्थानीय लोगों ने अब स्वयं पहल करते हुए परिसर में भैरूजी की प्रतिमा स्थापित की है। नागरिकों का कहना है कि प्रतिमा स्थापित होने के बाद अब लोग वहां कचरा डालने से परहेज कर रहे हैं और इससे परिसर में कचरा फैलाने पर कुछ हद तक रोक लगी है।

हालांकि, जनता की यह पहल नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है कि आखिर जिस स्थान की नियमित साफ-सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, वहां नागरिकों को स्वयं व्यवस्था सुधारने के लिए कदम क्यों उठाना पड़ा?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुभाष पार्क परिसर में आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी लगा रहता है। नागरिकों का कहना है कि कई बार पुलिस के जवान भी आसपास मौजूद रहते हैं, लेकिन असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है।

सुभाष पार्क केवल एक सामान्य सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा और शहीद स्मारक से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे स्थान पर गंदगी, अतिक्रमण और वाहनों की पार्किंग होना नागरिकों के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महापुरुषों की प्रतिमाओं और शहीद स्मारकों के आसपास का परिसर स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन महान व्यक्तित्वों के योगदान से प्रेरणा ले सकें।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर परिषद अंजड़ इस मामले में अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए सुभाष पार्क को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कराएगी?
क्या पार्क की नियमित साफ-सफाई होगी?
क्या कचरे के ढेर और दुर्गंध से नागरिकों को मुक्ति मिलेगी?
क्या असामाजिक तत्वों के जमावड़े पर रोक लगेगी?
और क्या नेताजी सुभाषचंद्र बोस के प्रतिमा स्थल की गरिमा बहाल की जाएगी?
जनता अब नगर परिषद की कार्रवाई का इंतजार कर रही है। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद इस मामले में क्या कदम उठाती है, यह देखने वाली बात होगी।
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