Rajendra Devray / Sun, Aug 9, 2026 / Post views : 345
52 वर्षों से कायम आस्था की परंपरा: भगवान झूलेलाल जी के विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
👉15 हजार से अधिक भक्तों ने पाई प्रसादी
👉शनि मंदिर ट्रस्ट का रहा विशेष सहयोग
शनि मंदिर समिति ने स्टील की थालिया प्रदान की
👉हजरों रुपए की प्लास्टिक के दोने पत्तल से मिली मुक्ति पर्यावरण संरक्षण में अभूत पूर्व सहयोग
सिंधी समाज सकल पंच की पहल से श्रावण मास में आयोजन — देश, प्रदेश और क्षेत्र में सुख-समृद्धि एवं अच्छी वर्षा की कामना के साथ हजारों श्रद्धालु ग्रहण करेंगे प्रसादी

अंजड़। नगर अंजड़ में सिंधी समाज सकल पंच द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी श्रावण मास में

भगवान वरुण देवता के अवतार भगवान झूलेलाल जी के विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन स्थानीय सिंधी समाज की धर्मशाला में शाम 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक निरंतर चलेगा।

सिंधी समाज द्वारा आयोजित यह भंडारा अपनी 52 वर्षों पुरानी परंपरा के कारण विशेष महत्व रखता है। समाज के पूर्वजों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को आज भी समाज पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ कायम रखे हुए है।

समाज की मान्यता और संकल्प है कि भगवान वरुण देव झूलेलाल जी की कृपा से पूरे देश, प्रदेश, अंचल एवं गांवों में पर्याप्त वर्षा हो, सभी लोग सुखी एवं समृद्ध रहें तथा समाज और क्षेत्र में सुख-शांति बनी रहे। इसी भावना और जनकल्याण के संकल्प के साथ वर्षों पूर्व इस भंडारे की शुरुआत की गई थी।

हजारों लोग ग्रहण करेंगे प्रसादी
भंडारे में नगर एवं आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आमजन के पहुंचने की संभावना है। आयोजन के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से इस विशाल भंडारे की तैयारियां की गई हैं।

सिंधी समाज के प्रमुख रमेश कुकरेजा ने बताया कि समाज के सभी सदस्यों की सहमति, सहयोग और सहभागिता से प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी समाज के वरिष्ठजन, युवा, मातृशक्ति, समाजसेवी एवं कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ आयोजन में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं।

मातृशक्ति और युवाओं की भी रहेगी सक्रिय सहभागिता

आयोजन में सिंधी समाज की मातृशक्ति एवं युवा वर्ग विशेष रूप से सहयोग प्रदान कर रहे हैं। महिला मंडल की अध्यक्ष लविषा मखीजा सहित प्रिया कुकरेजा, माही गुणवानी, साक्षी कुकरेजा, आंचल कुकरेजा, ज्योति कुकरेजा, मुस्कान सहित समाज की अनेक मातृशक्तियां आयोजन में सक्रिय सहभागिता कर रही हैं।

वहीं समाज के प्रमुख एवं सहयोगकर्ताओं में रमेश कुकरेजा, सुनील मखीजा, शंकर लाल, पूनम चंदानी, तोताराम जी, संतमल जी, अमरलाल जी, केवल राम जी, हरीश कुमार, अजय कुमार, जयकुमार, गुणवानी, भारतमल सहित समाज के अनेक सदस्य सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

52 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी सिंधी समाज की आस्था, एकता, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनी हुई है।
उपरोक्त जानकारी सिंधी समाज के प्रमुख रमेश कुकरेजा ने दी।
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