Rajendra Devray / Sat, Oct 10, 2026 / Post views : 220
बच्ची की मौत के मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई, अंजड़ में डॉ. निखिल बाथम का क्लीनिक सील
कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की जांच, दवाइयों के सैंपल लिए; एलोपैथिक दवाइयां भी जब्त
अंजड़, जिला बड़वानी।
नगर अंजड़ में बच्ची तन्वी की उपचार के दौरान तबीयत बिगड़ने और बाद में उसकी मौत होने के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने शनिवार दोपहर करीब 2 बजे शिक्षक कॉलोनी स्थित आशा क्लिनिक पहुंचकर जांच की। यह क्लिनिक डॉ. निखिल बाथम का बताया गया है। जांच के दौरान क्लीनिक को सील कर दिया गया। टीम ने वहां उपलब्ध दवाइयों के सैंपल लिए तथा कुछ एलोपैथिक दवाइयां भी जब्त कीं।


उपचार के दौरान बिगड़ी थी तन्वी की तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 तारीख को तन्वी नाम की बच्ची उपचार के लिए अंजड़ की शिक्षक कॉलोनी स्थित आशा क्लिनिक पहुंची थी। यहां डॉ. निखिल बाथम द्वारा बच्ची का उपचार किया गया। उपचार के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे बड़वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।


बड़वानी में उपचार के दौरान बच्ची की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे आगे के उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, निजी अस्पताल में चार दिनों तक उपचार कराने के बाद वे तन्वी को लेकर अंजड़ लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बच्ची की मौत हो गई।
परिजनों की शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

बच्ची की मौत के बाद उसके माता-पिता ने जिला प्रशासन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को शिकायत आवेदन सौंपकर मामले की जांच की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों की टीम ने क्लीनिक पहुंचकर जांच की कार्रवाई की।
दवाइयों के सैंपल लिए, एलोपैथिक दवाइयां जब्त
जांच दल में बड़वानी के सिविल सर्जन डॉ. खन्ना, बीएमओ डॉ. मुजाल्दे तथा तहसीलदार भूपेंद्र भिड़े सहित संबंधित अधिकारी शामिल रहे। टीम ने क्लीनिक में उपलब्ध दवाइयों एवं अन्य संबंधित बिंदुओं की जांच की। इस दौरान दवाइयों के सैंपल लिए गए और कुछ एलोपैथिक दवाइयां जब्त की गईं।
जांच के बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया। हालांकि, जांच में क्या अनियमितताएं सामने आई हैं और संबंधित चिकित्सक की भूमिका के संबंध में क्या निष्कर्ष निकलता है, यह आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गोपनीय प्रतिवेदन के बाद होगी आगे की कार्रवाई
बीएमओ डॉ. मुजाल्दे ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश पर टीम जांच करने पहुंची थी। टीम ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी जांच की है। जांच में सामने आए बिंदुओं की विस्तृत रिपोर्ट गोपनीय प्रतिवेदन के रूप में जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
तन्वी की मौत के मामले में अब जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परिजनों की शिकायत, उपचार से संबंधित रिकॉर्ड, दवाइयों के नमूनों की जांच तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल क्लीनिक को सील कर दिया गया है और प्रशासनिक जांच जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष तथा आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्यवाही की जाएगी।
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