Rajendra Devray / Fri, Sep 4, 2026 / Post views : 202
कस्तूरबा गांधी बालिका आश्रम पहुंचकर तहसीलदार आशीष राठौड़ ने जानी छात्राओं की पढ़ाई और व्यवस्थाओं की हकीकत
छात्राओं से किया सीधा संवाद, नियमित अध्ययन व अनुशासन के लिए किया प्रेरित; आश्रम की व्यवस्थाओं की सराहना कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

नालछा। तहसीलदार आशीष राठौड़ ने शुक्रवार को नालछा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आश्रम का निरीक्षण कर छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास में स्वच्छता, भोजन व्यवस्था, अध्ययन व्यवस्था, अनुशासन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया।

तहसीलदार राठौड़ ने आश्रम में रह रही छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, दैनिक दिनचर्या तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई और विषयों से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में भी चर्चा की तथा उन्हें नियमित अध्ययन, समय के सदुपयोग और अनुशासन के महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। छात्राओं को अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देने, नियमित रूप से अध्ययन एवं दोहराव करने तथा पढ़ाई में आने वाली समस्याओं को शिक्षकों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान तहसीलदार ने छात्राओं को प्रभावी ढंग से अध्ययन करने के गुर और आवश्यक शैक्षणिक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ समय प्रबंधन और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाकर छात्राएं अपने भविष्य को नई दिशा दे सकती हैं।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार राठौड़ ने आश्रम परिसर की स्वच्छता, अनुशासन और प्रबंधन व्यवस्था का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और अध्ययन के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
उन्होंने आश्रम प्रबंधन को छात्राओं की सुविधाओं एवं शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर आश्रम अधीक्षिका सावित्री सिसोदिया द्वारा छात्राओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और प्रयासों की भी तहसीलदार ने सराहना की।
निरीक्षण के दौरान आश्रम का वातावरण व्यवस्थित एवं अध्ययन के अनुकूल नजर आया। तहसीलदार के छात्राओं से सीधे संवाद से बालिकाओं में भी उत्साह देखने को मिला।

“पढ़ाई को बनाएं सफलता की सीढ़ी, लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें बेटियां” — कस्तूरबा आश्रम में छात्राओं से तहसीलदार आशीष राठौड़ का संवाद
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