Rajendra Devray / Tue, Oct 6, 2026 / Post views : 109
मानव जीवन ईश्वर की अनमोल देन, इसे परमार्थ और प्रभु भक्ति में लगाएं : पं. दिवाकर शास्त्री
श्री राम जानकी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
वाराणसी। राजादरवाजा स्थित श्री राम जानकी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास ज्ञानमूर्ति पंडित दिवाकर शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को मानव जीवन के महत्व, समय की उपयोगिता और परमात्मा की प्राप्ति के मार्ग का प्रेरणादायी संदेश दिया।

पंडित दिवाकर शास्त्री जी ने कहा कि मानव शरीर परमात्मा की कृपा से प्राप्त हुआ अत्यंत दुर्लभ अवसर है। इसलिए मनुष्य को अपने अमूल्य जीवन और समय को संसार

के व्यर्थ प्रपंचों में नष्ट करने के बजाय परमार्थ, सद्कर्म और प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय एक बार बीत जाने के बाद वापस नहीं आता। जो व्यक्ति जीवन और समय के महत्व को समय रहते नहीं समझता, उसे बाद में पछतावे के अलावा कुछ हासिल नहीं होता।
कथा व्यास ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि मनुष्य को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों, समाजहित और ईश्वर की आराधना में लगाकर जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसार में रहते हुए भी व्यक्ति अपने कर्मों और विचारों को प्रभु के प्रति समर्पित कर सकता है। यही मानव जीवन की वास्तविक उपलब्धि है।
कथा के दौरान भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु आध्यात्मिक संदेशों से अभिभूत नजर आए। द्वितीय दिवस के अवसर पर कथा के मुख्य यजमान ओमप्रकाश गुप्ता जी ने परिवार सहित विधि-विधान से पुराण पूजन एवं व्यास पूजन संपन्न किया।

इस अवसर पर अजय त्रिवेदी, गणेश केसरी, शिवकुमार बेटू रस्तोगी, अमर रस्तोगी, आलोक केसरी, नागेंद्र, सुमंत तिवारी, धर्मेंद्र शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
वाराणसी से रिपोर्ट — श्याम सुन्दर जायसवाल
ब्यूरो चीफ
8795959310
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