Rajendra Devray / Tue, Oct 20, 2026 / Post views : 162
किसानी कुंडा में तालाब में डूबने से 32 वर्षीय युवक की मौत, तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव
तालाब किनारे मिले कपड़ों से हुआ अनहोनी का संदेह, शव देखते ही बेसुध हुए परिजन; गांव में पसरा मातम
नालछा। नालछा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लुनेरा अंतर्गत ग्राम किसानी कुंडा में सोमवार दोपहर तालाब में नहाने गए 32 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तालाब किनारे उसके कपड़े और चप्पल दिखाई देने पर अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर धार से एसडीआरएफ की गोताखोर टीम बुलाई गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद युवक का शव तालाब से बाहर निकाला गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया।
कपड़े और चप्पल देखकर हुई अनहोनी की आशंका
नालछा थाने के प्रधान आरक्षक शंकर सिंह मंडलोई के अनुसार, ग्राम किसानी कुंडा निवासी छोटू सिंह पिता मदन मावी, उम्र 32 वर्ष, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे तालाब में नहाने गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान तालाब के बाहर युवक के कपड़े और चप्पल दिखाई दिए। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही नालछा थाने से पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी तालाब के किनारे एकत्रित हो गए। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने युवक की तलाश की, लेकिन पानी में उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद धार से एसडीआरएफ की गोताखोर टीम को बुलाया गया।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव
धार से पहुंची गोताखोर टीम ने तालाब में तलाश अभियान शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। युवक की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शव को बाहर निकालते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अपने परिजन का शव देखकर परिवार के लोग बेसुध हो गए। घटना से पूरे गांव में मातम छा गया।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मर्ग कायम किया और मामले की जांच शुरू कर दी। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
इस दुखद घटना से ग्राम किसानी कुंडा में शोक की लहर है। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है और गांव के लोग शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
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