Rajendra Devray / Wed, Sep 23, 2026 / Post views : 247
*नालछा नगर में ढोल ग्यारस महापर्व पर धूमधाम से निकला चल समारोह, डोलों ने किया नगर भ्रमण*
*नालछा।* ढोल ग्यारस महापर्व के उपलक्ष में नगर के प्रमुख मंदिरों से भगवान लड्डू गोपाल की मूर्तियां सुसज्जित डोलों में स्थापित कर भव्य चल समारोह निकाला गया। ढोल धमाके एवं अखाड़े के साथ जनता के हाल जानने के लिए कृष्ण मंदिर से संध्या के समय चल समारोह प्रारंभ हुआ।

नालछा नगर में ढोल ग्यारस महापर्व पर धूमधाम से निकला चल समारोह
नगर में द्वारकाधीश मंदिर, नरसिंह मंदिर, कृष्ण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर राधा कृष्ण मंदिरआदि के डोले निकले। जो चंद्रशेखर आजाद मार्ग से भ्रमण करते हुए छोटी नदी स्थित लालबाई फूलबाई मंदिर पर पहुंचे। वहां महिलाओं ने उत्साहपूर्वक श्री कृष्ण भगवान की विधि-विधान से पूजा अर्चना एवं महाआरती की

नालछा नगर में ढोल ग्यारस महापर्व पर धूमधाम से निकला चल समारोह
चल समारोह की कमान युवाओं ने संभाल रखी थी। मुख्य मार्गों पर महिलाओं ने अपने-अपने घर के द्वार के सामने पूजा अर्चना कर श्रीफल चढ़ाए एवं परंपरानुसार गोद भरने की रस्म कर आशीर्वाद प्राप्त किया और सुख-समृद्धि की मनोकामना मांगी।
*बीच बाजार में हुआ ओटला कवि सम्मेलन*
परंपरानुसार बीच बाजार में गंगवाल मेडिकल के सामने सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ओटला कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उक्त परंपरा ग्राम के वरिष्ठ स्व. गोपीचंदजी नायक, रामअवतार जायसवाल, सत्यनारायण पहलवान द्वारा प्रारंभ की गई थी। उस परंपरा को नवयुवकों द्वारा आगे बढ़ाते हुए ग्राम के जाने-माने रतन राठौर, धीरज शर्मा, जितेंद्र कुशवाह ने इस परंपरा को जारी रखा और नवयुवकों को इस परंपरा से जोड़ते हुए आज भी संचालित किया जा रहा है।
जहां स्थानीय युवा कवियों रतन राठौड मैं अपने काव्य रचना में नर्मदा मैया मुख्यमंत्री की छुट्टी नंदकिशोर कुशवाहा काव्य रचना में आई जा रे आई जा रे पानी बाबा संदीप नवरादी मधुशाला पर काव्य पाठ देवकरण भगत भोजशाला पर काव्य जितेंद्रमडवाल आदि नेपाठ कर अपनी-अपनी काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवि सम्मेलन रात्रि 11 बजे तक चलता रहा। उपस्थित जनता ने बड़ा आनंद लिया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान पुलिस थाना नालछा का प्रशासन सुव्यवस्था बनाने में सक्रिय रहा।

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