Rajendra Devray / Sun, Sep 6, 2026 / Post views : 167
पीपलखूंट हादसे के बाद सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
माइंस के ट्रोलों से लगातार हो रहे हादसों पर ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
प्रतापगढ़ (ब्यूरो चीफ अनिल जटिया ✍🏻)। पीपलखूंट थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर माइंस के ट्रोले की टक्कर से हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई घंटे बीत जाने के बावजूद ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने हाईवे पर लगातार बढ़ रही माइंस के भारी वाहनों की आवाजाही और उनसे हो रहे हादसों को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और अनियंत्रित आवाजाही के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके बावजूद इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
प्रशासन से ग्रामीणों की दो टूक—अब ठोस व्यवस्था चाहिए
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि हादसे के जिम्मेदार वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ट्रोले के मालिक की पहचान कर उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो तथा मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने हाईवे पर माइंस के ट्रोलों की गति और आवाजाही को नियंत्रित करने, ओवरलोडिंग एवं यातायात नियमों की जांच करने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई।
मौके पर पहुंची पुलिस, समझाइश का दौर जारी
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे में शामिल ट्रोले के मालिक का पता लगाने के साथ वाहन एवं घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हालांकि, कई घंटे बाद भी ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
लगातार हादसों ने खड़े किए गंभीर सवाल
पीपलखूंट क्षेत्र में माइंस से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण आम राहगीरों की जान जोखिम में है। ऐसे में प्रशासन से मांग की जा रही है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही प्रभावी यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत जारी थी तथा मौके पर स्थिति पर पुलिस की नजर बनी हुई थी।
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