Rajendra Devray / Wed, Aug 19, 2026 / Post views : 347
नालछा के छात्रावासों में रात के समय अधीक्षकों की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, अधिकारियों के औचक निरीक्षण की मांग
चौकीदारों के भरोसे छात्र-छात्राएं, व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने रात्रिकालीन निरीक्षण जरूरी
नालछा। विकासखंड नालछा के अंतर्गत संचालित आदिवासी छात्रावासों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ छात्रावासों में अधीक्षक रात्रि के समय मुख्यालय पर निवास नहीं करते, जिसके चलते छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं देखरेख की जिम्मेदारी मुख्य रूप से चौकीदारों के भरोसे रह जाती है।
जिले के अन्य विकासखंडों में सामने आई छात्रावास संबंधी घटनाओं को देखते हुए नालछा विकासखंड के छात्रावासों में भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रात्रिकालीन औचक निरीक्षण किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि अधिकारी बिना पूर्व सूचना के रात में छात्रावासों का निरीक्षण करें और वहां रह रहे विद्यार्थियों से सीधे संवाद करें, तो व्यवस्थाओं से जुड़ी कई वास्तविक समस्याएं सामने आ सकती हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी शिकायतें सामने आ रही हैं कि कुछ छात्रावासों में विद्यार्थियों से झाड़ू लगवाने, पानी भरवाने जैसे कार्य करवाए जाते हैं, जबकि चपरासी अथवा अन्य जिम्मेदार कर्मचारी कई बार अनुपस्थित रहते हैं। हालांकि इन शिकायतों की प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
अधिकारियों की निगरानी से सामने आएगी जमीनी हकीकत
छात्रावासों में रहने वाले बच्चे प्रशासन की जिम्मेदारी होते हैं। ऐसे में अधीक्षक और संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या तथा रात्रिकालीन निगरानी जैसी व्यवस्थाओं की नियमित जांच जरूरी है।
यदि अधिकारियों द्वारा केवल दिन के समय औपचारिक निरीक्षण के बजाय अचानक रात में छात्रावासों का निरीक्षण किया जाए, तो अधीक्षकों की वास्तविक उपस्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का पता चल सकता है। साथ ही विद्यार्थियों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी समस्याएं सीधे जानी जा सकती हैं।
नालछा में किसी अप्रिय घटना से पहले जागना जरूरी
जिले में छात्रावासों से जुड़ी हालिया घटनाओं को देखते हुए अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी अप्रत्याशित घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए। नालछा विकासखंड के सभी छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित रात्रिकालीन निरीक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
प्रशासन यदि समय रहते सख्ती और निगरानी बढ़ाता है तो छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ छात्रावासों में व्याप्त संभावित अनियमितताओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
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