Rajendra Devray / Tue, Aug 25, 2026 / Post views : 208
राखी पर बहनें नहीं मांगेंगी महंगे उपहार, भाइयों से लेंगी नशामुक्ति का संकल्प
“कलाई पर सजेगा रक्षा सूत्र, भाई के जीवन से उतरेगा व्यसन” — गायत्री परिवार की अनूठी पहल
बड़वानी। इस बार रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा के संकल्प के साथ नशामुक्त समाज का संदेश भी देगा। अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ, शांतिकुंज हरिद्वार, जिला बड़वानी द्वारा रक्षाबंधन को नशामुक्ति अभियान से जोड़ते हुए जिलेभर में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के तहत बहनें इस रक्षाबंधन पर भाइयों से महंगे उपहार की मांग करने के बजाय गुटखा, तंबाकू, शराब, सिगरेट एवं अन्य सभी प्रकार के व्यसनों से दूर रहने का संकल्प लेंगी। बहनों का संदेश होगा—“भैया, मुझे महंगा उपहार नहीं, आपका नशामुक्त जीवन चाहिए।”
बहन की मांग बनेगी भाई के लिए जीवनभर का संकल्प
बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उससे नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं संस्कारवान जीवन जीने का वचन लेगी। अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि भाई द्वारा बहन को दिया जाने वाला सबसे बड़ा उपहार कोई वस्तु नहीं, बल्कि नशामुक्त और स्वस्थ जीवन का संकल्प हो सकता है।
जिले की नौ तहसीलों में पहुंच रहा संदेश
अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ द्वारा जिले की नौ तहसीलों में इस अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता, युवा एवं परिवारजन घर-घर पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक लखन विश्वकर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि बहनें इस बार भाइयों से ऐसा उपहार मांगें, जो उनके पूरे जीवन को बेहतर बना सके। भाई अपनी बहन को नशामुक्त जीवन का संकल्प दें—यही इस पवित्र रिश्ते का सबसे सार्थक उपहार है।
एक भाई बदलेगा तो परिवार बदलेगा, परिवार बदलेगा तो समाज बदलेगा
अभियान में विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक वातावरण और रिश्तों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
गायत्री परिवार का संदेश है कि यदि एक बहन अपने भाई से नशा छोड़ने का संकल्प लेती है, भाई उस संकल्प को निभाता है और एक परिवार नशामुक्त बनता है, तो यही छोटी पहल आगे चलकर नशामुक्त समाज के बड़े अभियान का आधार बन सकती है।
राखी बनेगी नशामुक्ति के संकल्प का प्रतीक
गायत्री परिवार द्वारा राखी को केवल प्रेम और रक्षा का धागा न मानकर नशामुक्त जीवन के संकल्प का प्रतीक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। युवा प्रकोष्ठ बाल संस्कार शाला प्रभारी बड़वानी पूनम पंडित ने कहा कि इस रक्षाबंधन उपहार के बजाय व्यसन छोड़ने का संकल्प देना चाहिए।
उन्होंने अभियान का संदेश इन पंक्तियों में दिया—
कलाई पर राखी सजे,
भाई के जीवन से नशा हटे।
बहन की मुस्कान खिले,
परिवार में खुशियां लौटें।
कार्यकर्ताओं ने संभाली अभियान की जिम्मेदारी
जिले में अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में ममता तोमर, अनीता राठौर, रेखा पुरोहित, प्रीति पटेल, ज्योति लोनारे, राजीव सक्सेना, कन्यालाल ठेकेदार, दादा सीताराम भाई, सुरेखा पाटीदार एवं राकेश खन्ना सहित गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि इस रक्षाबंधन को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि “नशामुक्त परिवार—नशामुक्त समाज” के संकल्प पर्व के रूप में मनाएं।
इस बार राखी पर कलाई में रक्षा सूत्र के साथ भाई के जीवन में नशामुक्ति का संकल्प बंधे—यही बहन के प्रेम और राखी का सबसे सार्थक उपहार होगा।
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