Rajendra Devray / Sat, Jun 20, 2026 / Post views : 262
टांडा के झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से 7 वर्षीय मासूम की मौत, क्लिनिक छोड़कर फरार
सन्नी माली धार जिला ब्यूरो चीफ
धार |टांडा मेन रोड पर संचालित एक झोलाछाप डॉक्टर के कथित गलत इलाज ने सात वर्षीय मासूम की जान ले ली। कालीदेवी निवासी सूरज मेडा के इकलौते बेटे माधव की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने आरोपी डॉक्टर यशवंत मंडलोई पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाया है।

इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत
परिजनों के अनुसार सोमवार को मासूम माधव को बुखार और कमजोरी की शिकायत पर टांडा स्थित क्लिनिक ले जाया गया था। यहां डॉक्टर ने बच्चे को बोतल चढ़ाई और इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही बच्चे के पूरे शरीर में सूजन आ गई और उसका शरीर हरा पड़ने लगा।
माताजी आई है' कहकर इलाज टालता रहा डॉक्टर
मंगलवार को जब परिजन दोबारा बच्चे को लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने उन्हें एक क्रीम देकर कहा कि बच्चे को "माताजी आई है" और किसी दूसरे डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है, वह जल्द ठीक हो जाएगा। इसी भरोसे में परिजन कई दिन तक इलाज कराते रहे।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
शुक्रवार को अचानक बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उसे शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्लिनिक पर पहुंचे ग्रामीण, आरोपी फरार
मासूम की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीण और परिजन आरोपी डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचे, लेकिन तब तक डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो चुका था। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है।
प्रथम दृष्टया गलत दवा के रिएक्शन से मौत
बीएमओ डॉ. एच.एस. मुवेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया गलत ड्रग रिएक्शन से मौत की आशंका है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे।
बेटे की मौत के सदमे से पिता अस्पताल में भर्ती
इकलौते बेटे की मौत का सदमा पिता सूरज मेडा सहन नहीं कर पाए और उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्लिनिक सील करने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। एसडीएम और तहसीलदार के निर्देश पर आरोपी के क्लिनिक को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़ा सवाल
आखिर टांडा में बिना डिग्री और बिना अनुमति के झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक कैसे संचालित हो रहे हैं? और इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?
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