Rajendra Devray / Sun, Sep 20, 2026 / Post views : 31
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को HIV/AIDS, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और टीबी संक्रमण, उनके फैलने के कारण, बचाव के उपाय, सुरक्षित व्यवहार, नियमित HIV जांच और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सेल्फ रिस्क असेसमेंट (SRA) की भी जानकारी दी गई, ताकि छात्र स्वयं HIV संक्रमण से जुड़े संभावित जोखिम को समझ सकें और आवश्यकता होने पर समय रहते जांच एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें।
टीम ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1097 की जानकारी साझा करते हुए HIV/AIDS अधिनियम-2017 के प्रमुख प्रावधानों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही HIV और AIDS के बीच का अंतर सरल भाषा में समझाया गया और छात्रों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों को आईईसी (IEC) सामग्री वितरित की गई और स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
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