Rajendra Devray / Mon, May 25, 2026 / Post views : 346
विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था,
राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति एवं आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच की माँग लेकर अंजड़ और बड़वानी में प्रशासन को सोपा ज्ञापन दुर्घटना की सीबीसी जांच करने की मांग
अंजड़ में भी जैन समाज के द्वारा तहसीलदार को सोपे ज्ञापन

जैन समाज अत्यन्त दुःख एवं गहरी वेदना के साथ आपका ध्यान हाल ही में विहाररत आर्यिका माताजी के साथ हुई अत्यन्त दुखद घटना की ओर आकर्षित करना चाहते हैं,

जिसमें संघ की पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक निधन हो गया। यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना भर नहीं मानी जा सकती। उपलब्ध तथ्यों एवं वीडियो क्लिपों के आधार पर समाज में गहरी आशंका एवं चिंता का वातावरण निर्मित हुआ है।

अतः इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जाँच अत्यन्त आवश्यक है। जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते तथा समाज में शांति, संयम और अहिंसा का संदेश प्रसारित करते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएँ एवं हमले सम्पूर्ण समाज के लिए अत्यन्त चिंताजनक विषय हैं।

अतः हम निम्न माँगें आपके समक्ष विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत करते हैं।
हमारी प्रमुख माँगें
1. उक्त हृदय विदारक घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच कीजाये।
2• इस प्रकरण की SIT से या सीबीआई से न्यायिक जाँच कराई जाए।
3• घटना से संबंधित सभी CCTV, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएँ।
4• दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए। यदि सुनियोजित कृत्य अथवा षड्यंत्र के तथ्य मिलें, तो तदनुसार कठोर धाराएँ लगाई जाएँ।
5. “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू किया जाए विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा हेतु: विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, • संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग अनिवार्य किया जाए।
जैन समाज सदैव शांति,अहिंसा, कानून और संवैधानिक मर्यादाओ में विश्वास रखता है, हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार का तनाव उत्पन्न करने का नहीं है।
हमें पूर्ण विश्वास है कि प्रशासन इस संवेदनशील विषय को गम्भीरता से लेकर प्रभावी कदम उठाएग
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