Rajendra Devray / Sat, May 30, 2026 / Post views : 268
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, पत्रकारिता की चुनौतियों एवं वर्तमान स्वरूप पर हुई चर्चा
मनावर शनिवार स्थानीय विश्राम गृह में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पत्रकारों की एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, चुनौतियों एवं दायित्वों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार कैलाश राठौर ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में लेखन करने वाले पत्रकारों को अपेक्षित सम्मान और महत्व नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद पत्रकारिता हमारा कर्म और दायित्व है, इसलिए समाचारों का नियमित प्रकाशन हमारी दिनचर्या का हिस्सा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं, जिनका सामना साहस, निष्पक्षता और प्रतिबद्धता के साथ करना होगा।

उन्होंने बदलते मीडिया परिवेश, तकनीकी बदलावों और पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र डालके ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पत्रकारिता में सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम का संचालन पन्नालाल गेहलोत ने किया। संगोष्ठी में पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए उसके मूल्यों को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पत्रकार अनिल तोमर, अशोक पाटीदार, शैलेन्द्र गुड्डू, मेहबूब राही, अता मोहम्मद, दिनेश पटेल, कौशिक पंडित सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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